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सौरव गांगुली की कानूनी चुनौती के बीच प्रोसेनजीत चटर्जी ने दी Doosra को शुभकामनाएं
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सौरव गांगुली की कानूनी चुनौती के बीच प्रोसेनजीत चटर्जी ने दी Doosra को शुभकामनाएं

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सौरव गांगुली की कानूनी चुनौती के बीच प्रोसेनजीत चटर्जी ने दी Doosra को शुभकामनाएं रिपोर्ट के अनुसार बंगाली सिनेमा के स्टार प्रोसेनजीत चटर्जी ने हिंदी स्पोर्ट्स ड्रामा Doosra के लिए शुभकामनाएं दी हैं, जो भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली से जुड़े कानूनी विवाद के बीच चर्चा में है।

सौरव गांगुली की कानूनी चुनौती के बीच प्रोसेनजीत चटर्जी ने दी Doosra को शुभकामनाएं

रिपोर्ट के अनुसार बंगाली सिनेमा के स्टार प्रोसेनजीत चटर्जी ने हिंदी स्पोर्ट्स ड्रामा Doosra के लिए शुभकामनाएं दी हैं, जो भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली से जुड़े कानूनी विवाद के बीच चर्चा में है। फिल्म भारतीय क्रिकेट इतिहास के एक यादगार क्षण से प्रेरित है: 2002 की NatWest Series के फाइनल में इंग्लैंड पर भारत की जीत के बाद लॉर्ड्स में गांगुली का जश्न।

गांगुली और प्रोडक्शन कंपनी Luv Films LLP के दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचने के बाद फिल्म की रिलीज कानूनी बहस का विषय बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में पूर्व क्रिकेटर की पहचान और करियर से जुड़ी सामग्री के इस्तेमाल से उनके पर्सनैलिटी राइट्स और एक अधिकृत बायोग्राफिकल फिल्म पर प्रोडक्शन कंपनी के संविदात्मक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 अक्टूबर 2026 को तय Doosra की सिनेमाघरों में रिलीज रोकने से इनकार कर दिया। इस फैसले से फिल्म की तय रिलीज का रास्ता खुल गया, जबकि व्यापक कानूनी विवाद अनसुलझा रहा।

सौरव गांगुली ने Doosra को चुनौती क्यों दी

गांगुली और Luv Films LLP ने Doosra की रिलीज और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की मांग करते हुए मामला दायर किया। उनकी याचिका में आरोप है कि फिल्म में गांगुली के नाम, छवि, हुलिए और यादगार क्रिकेट क्षणों का जरूरी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया।

विवाद का एक केंद्रीय मुद्दा 2002 की NatWest Series के फाइनल के संदर्भों का इस्तेमाल है, जब भारत ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को हराया था। लॉर्ड्स की बालकनी में गांगुली का शर्ट उतारकर मनाया गया जश्न भारतीय क्रिकेट के सबसे ज्यादा याद किए जाने वाले क्षणों में से एक बन गया।

अदालती कार्यवाही की रिपोर्टों के अनुसार गांगुली की कानूनी टीम ने दलील दी कि फिल्म का प्रचार अभियान काफी हद तक उनकी पहचान और क्रिकेट उपलब्धियों पर टिका है। याचिका में फिल्म के व्यावसायिक असर को लेकर भी चिंता जताई गई, खासकर इसलिए कि Luv Films पूर्व भारतीय कप्तान पर एक अधिकृत बायोपिक बना रही है।

प्रस्तावित बायोपिक का नाम Dada: The Sourav Ganguly Story है, जिसके 14 मई 2027 को रिलीज होने की खबर है। Luv Films का कहना है कि गांगुली के साथ उसके अनुबंध से उसे उनके जीवन और क्रिकेट करियर पर आधारित ऑडियो-विजुअल सामग्री बनाने और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल करने का विशेष अधिकार मिला है।

फिल्म निर्माताओं ने क्या कहा

फिल्म निर्माताओं ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि Doosra गांगुली पर बनी बायोग्राफिकल फिल्म नहीं है। अदालती कवरेज में बताए गए उनके पक्ष के अनुसार कहानी राजस्थान की एक काल्पनिक युवती पर केंद्रित है, जो पूर्व कप्तान से जुड़े खेल आयोजनों में प्रेरणा पाती है।

फिल्म तारा नाम की एक युवती की कहानी है, जो रूढ़िवादी परिवार में पल रही है। NatWest Series की जीत के बाद गांगुली के बेखौफ जश्न से प्रेरित होकर वह अपने ऊपर लगी पाबंदियों पर सवाल उठाने लगती है और ज्यादा आजादी चाहती है।

निर्माताओं ने यह भी दलील दी कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से कुछ क्रिकेट फुटेज के इस्तेमाल की जरूरी अनुमति ली गई थी। उनकी कानूनी टीम ने कहा कि फिल्म की कहानी और खेल फुटेज के इस्तेमाल से उसकी रिलीज रोकने का आधार नहीं बनता।

ये दोनों पक्षों की ओर से रखी गई परस्पर विरोधी दलीलें हैं। अदालत के तत्काल रोक न लगाने का मतलब पर्सनैलिटी राइट्स, कॉपीराइट या अनुबंध संबंधी हर दावे पर अंतिम फैसला नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने रिलीज की अनुमति दी

22 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने Doosra की सिनेमाघरों में रिलीज रोकने का तत्काल आदेश देने से इनकार कर दिया। कार्यवाही के दौरान जस्टिस दिनेश भट्ट ने टिप्पणी की कि उस चरण में रिलीज रोकना सुविधा के संतुलन के पक्ष में नहीं दिखता।

अदालत ने फिल्म की नजदीक आ चुकी रिलीज और निर्माताओं तथा प्रदर्शकों की ओर से पहले की जा चुकी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया। फिल्म निर्माताओं के पक्ष ने अदालत को बताया कि 100 से ज्यादा सिनेमाघरों में शो तय हो चुके हैं और अग्रिम भुगतान किया जा चुका है।

अदालत के फैसले से तय रिलीज 23 अक्टूबर को आगे बढ़ सकी। हालांकि अंतर्निहित कानूनी सवाल आगे विचार के लिए खुले रहे।

इस मामले ने भारतीय मनोरंजन उद्योग में पर्सनैलिटी राइट्स की ओर नए सिरे से ध्यान खींचा है। सार्वजनिक हस्तियां फिल्मों, विज्ञापनों और अन्य माध्यमों में अपने नाम, छवि और करियर के अहम पड़ावों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर चिंता जता रही हैं। ऐसे विवादों में अदालतों को विशिष्ट तथ्यों, अनुबंध संबंधी व्यवस्थाओं और संबंधित कानूनी अधिकारों की जांच करनी होती है।

Doosra किस बारे में है?

अभिनय देव के निर्देशन में बनी Doosra एक स्पोर्ट्स ड्रामा है, जो भारतीय क्रिकेट के एक निर्णायक क्षण को साहस, आजादी और सामाजिक अपेक्षाओं के प्रतिरोध की कहानी की शुरुआत बनाती है।

गांगुली की सीधी जीवनी के रूप में पेश होने के बजाय फिल्म तारा की कहानी कहती है और दिखाती है कि कैसे एक सार्वजनिक खेल क्षण निजी बदलाव की प्रेरणा बन सकता है। 2002 का NatWest Series फाइनल एक अहम पृष्ठभूमि है, जो भारतीय क्रिकेट के रोमांच को नायिका के अपने जीवन के नियमों को चुनौती देने के संघर्ष से जोड़ता है।

फिल्म में प्लाबिता बोरठाकुर, अंकुर विकल और समिधा गुरु समेत अन्य कलाकार हैं। इसकी कहानी एक युवती पर केंद्रित है जो टेलीविजन पर देखी गई बगावत की मिसाल से आत्मविश्वास पाती है।

कानूनी चुनौती के कारण फिल्म का गांगुली के करियर से जुड़ाव सार्वजनिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है। विवाद ने वास्तविक घटनाओं से प्रेरणा लेने और किसी सार्वजनिक हस्ती की पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल करने के बीच की रेखा पर भी सवाल उठाए हैं।

प्रोसेनजीत चटर्जी का समर्थन संदेश

प्रोसेनजीत चटर्जी कई दशकों के करियर वाले बंगाली सिनेमा के प्रमुख नामों में से एक हैं। Doosra के लिए उनकी शुभकामनाएं ऐसे समय आई हैं, जब फिल्म अपने विषय के साथ-साथ रिलीज के आसपास चल रही कानूनी कार्यवाही के कारण भी चर्चा में है।

किसी फिल्म की सफलता की कामना का मतलब जरूरी नहीं कि कानूनी विवाद पर कोई रुख लिया गया हो। जब तक कोई सीधा बयान उपलब्ध न हो, इसे किसी भी पक्ष की कानूनी दलीलों का समर्थन नहीं माना जाना चाहिए।

कथित संदेश उस खबर में फिल्म उद्योग का एक पहलू जोड़ता है, जिस पर अब तक गांगुली, Luv Films और Doosra के निर्माताओं के बीच का विवाद हावी रहा है।

फिल्म के सिनेमाघरों में पहुंचने के साथ दर्शकों की प्रतिक्रिया और अदालत में आगे की घटनाएं इसकी सार्वजनिक चर्चा का अगला चरण तय करने की संभावना रखती हैं। इसके बाद आने वाले किसी भी कानूनी फैसले की रिपोर्टिंग फिल्म की रिलीज और प्रचार गतिविधियों से अलग की जानी चाहिए।

आगे क्या होगा?

हाईकोर्ट के सिनेमाघरों में फिल्म की शुरुआत रोकने से इनकार करने के बाद Doosra की रिलीज 23 अक्टूबर 2026 को तय थी। गांगुली की पहचान के कथित इस्तेमाल और उनकी प्रस्तावित बायोपिक से जुड़े अनुबंध संबंधी अधिकारों का कानूनी विवाद फिल्म की रिलीज से अलग मामला बना हुआ है।

अंतिम नतीजा दलीलों, सबूतों और लागू कानून पर अदालत के आकलन पर निर्भर करेगा। अंतिम फैसला आने तक गांगुली और Luv Films के लगाए आरोपों को फिल्म निर्माताओं के जवाब से अलग करके देखा जाना चाहिए।

दर्शकों के लिए Doosra एक यादगार क्रिकेट क्षण के व्यापक प्रभाव पर बनी स्पोर्ट्स ड्रामा पेश करती है। फिल्म उद्योग के लिए यह मामला असल लोगों से प्रेरित कहानियां बनाते समय पर्सनैलिटी राइट्स, आर्काइवल फुटेज की अनुमति और अनुबंध संबंधी दायित्वों को समझने के महत्व को रेखांकित करता है।

अदालती कार्यवाही की रिपोर्टों के अनुसार गांगुली की कानूनी टीम ने दलील दी कि फिल्म का प्रचार अभियान काफी हद तक उनकी पहचान और क्रिकेट उपलब्धियों पर टिका है।