सीएचएसई ओडिशा ने 2027 की प्लस टू परीक्षा के केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और लाइव स्ट्रीमिंग अनिवार्य की
काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (CHSE), ओडिशा ने 2027 की वार्षिक प्लस टू परीक्षाओं के लिए उच्चतर माध्यमिक परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। इस निर्देश का मकसद निगरानी मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और पूरे राज्य में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना है।
21 और 22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, CHSE ने उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि जरूरी निगरानी प्रणालियां 30 नवंबर 2026 तक लगाई जाएं और चालू हों। स्कूलों को परीक्षा की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है।
इस कदम से स्कूलों पर अगले वार्षिक परीक्षा सत्र से काफी पहले अपना परीक्षा बुनियादी ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
ओडिशा की प्लस टू परीक्षाओं के लिए सीसीटीवी लगाने की समय-सीमा
CHSE ने जरूरी सीसीटीवी इंस्टॉलेशन पूरा करने की समय-सीमा 30 नवंबर 2026 तय की है। ये निर्देश वार्षिक उच्चतर माध्यमिक परीक्षा, जिसे आमतौर पर प्लस टू परीक्षा कहा जाता है, के संचालन में शामिल उच्चतर माध्यमिक संस्थानों पर लागू होते हैं।
काउंसिल ने निगरानी के लिए कई क्षेत्र तय किए हैं। इनमें परीक्षा कक्ष, परीक्षा संबंधी सामग्री रखने के स्ट्रॉन्ग रूम, केंद्र अधीक्षकों के कार्यालय और, जहां लागू हो, प्रयोगशालाएं शामिल हैं।
जिन स्कूलों में पहले से सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनसे कहा गया है कि वे अपनी प्रणालियों की जांच करें और पुष्टि करें कि उपकरण ठीक से काम कर रहे हैं। इसलिए यह जरूरत सिर्फ नए कैमरे लगाने तक सीमित नहीं है, संस्थानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मौजूदा निगरानी व्यवस्था चालू रहे।
यह समय-सीमा स्कूलों को इंस्टॉलेशन पूरा करने, अपने उपकरणों का परीक्षण करने और परीक्षा सत्र की जरूरी तैयारी करने के लिए तय अवधि देती है।
परीक्षा निगरानी मजबूत करने के लिए लाइव स्ट्रीमिंग
सीसीटीवी लगाने के अलावा, CHSE ने स्कूलों को वार्षिक परीक्षाओं के दौरान लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इस प्रणाली का उद्देश्य अधिकृत अधिकारियों को परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों की दूर से निगरानी में मदद करना है।
लाइव स्ट्रीमिंग से परीक्षा अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों की स्थिति का ज्यादा सीधा नजारा मिल सकता है। ठीक से लागू होने पर निगरानी प्रणालियां अधिकारियों को गड़बड़ियां पहचानने, घटनाओं की समीक्षा करने और परीक्षाओं के संचालन में जवाबदेही बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।
हालांकि, इन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता उपकरणों की सही स्थापना, संचालन और निगरानी पर निर्भर करेगी। स्कूलों को सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षाएं शुरू होने से पहले उनकी प्रणालियां तैयार हों और वे काउंसिल के सभी निर्देशों का पालन करें।
यह निर्देश परीक्षा प्रबंधन को मजबूत करने और बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के लिए चेतावनी
CHSE ने चेतावनी दी है कि जो संस्थान 30 नवंबर 2026 तक जरूरी सीसीटीवी प्रणालियां नहीं लगाते और अन्य निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करते, उन पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
काउंसिल के निर्देशों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के परीक्षा केंद्र थ्योरी और प्रैक्टिकल, दोनों परीक्षाओं के लिए रद्द किए जा सकते हैं। काउंसिल ऐसे संस्थानों को उचित कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भी सूचित कर सकती है।
इस चेतावनी से 2027 की परीक्षाओं की मेजबानी की तैयारी कर रहे स्कूलों के लिए समय पर अनुपालन अहम हो जाता है। संस्थानों को अपनी मौजूदा सुविधाओं की समीक्षा करनी चाहिए, निगरानी कवरेज की कमियां पहचाननी चाहिए और निर्धारित अवधि में जरूरी काम पूरा करना चाहिए।
जिन स्कूलों ने नए परीक्षा केंद्र बनने के लिए आवेदन किया है, उन्हें भी संबंधित शर्तें पूरी करनी होंगी। रिपोर्टों के अनुसार, इन संस्थानों से अपेक्षा है कि वे अपनी तैयारी के तहत परीक्षा कक्षों और केंद्र अधीक्षक के कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाएं।
समय-सीमा से पहले स्कूलों को क्या करना होगा
प्राचार्यों और स्कूल प्रशासकों को सबसे पहले काउंसिल के निर्देशों की समीक्षा करनी चाहिए और आकलन करना चाहिए कि उनकी मौजूदा सीसीटीवी प्रणालियां जरूरतें पूरी करती हैं या नहीं। उन्हें परीक्षा कक्षों, स्ट्रॉन्ग रूम और अन्य निर्धारित क्षेत्रों में कैमरों का कवरेज जांचना चाहिए।
इसके बाद संस्थानों को अपने उपकरणों का परीक्षण करना चाहिए, तकनीकी समस्याएं दूर करनी चाहिए और लाइव स्ट्रीमिंग की जरूरी व्यवस्था करनी चाहिए। जिन स्कूलों को नए इंस्टॉलेशन की जरूरत है, उन्हें समय-सीमा से पहले काम पूरा करने की योजना बनानी चाहिए।
प्रशासकों को परीक्षा प्रबंधन, तकनीकी मानकों और अनुपालन रिपोर्टिंग से जुड़े अतिरिक्त निर्देशों के लिए CHSE की आधिकारिक सूचनाओं पर भी नजर रखनी चाहिए। जरूरतों को लेकर किसी भी अनिश्चितता को काउंसिल के आधिकारिक माध्यमों से स्पष्ट कर लेना चाहिए।
इन चरणों को जल्द पूरा करने से स्कूल आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों से बच सकते हैं और निर्धारित शर्तें पूरी न कर पाने का जोखिम घटा सकते हैं।
छात्रों और अभिभावकों के लिए अहमियत
यह निर्देश मुख्य रूप से स्कूलों और परीक्षा प्रशासकों के लिए है, लेकिन 2027 की प्लस टू परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और अभिभावकों के लिए भी प्रासंगिक है।
मजबूत निगरानी व्यवस्थाओं का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना और अधिकारियों को सभी परीक्षा केंद्रों पर एकसमान निगरानी रखने में मदद करना है। छात्रों को अपने शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार तैयारी जारी रखनी चाहिए और अपने स्कूलों व CHSE की आधिकारिक घोषणाओं का पालन करना चाहिए।
सीसीटीवी और लाइव स्ट्रीमिंग का यह निर्देश अपने आप में परीक्षा समय-सारणी में किसी बदलाव की घोषणा नहीं करता। इसलिए छात्रों को पुष्ट तारीखों, परीक्षा प्रक्रियाओं और अन्य निर्देशों के लिए आधिकारिक अधिसूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।
आधिकारिक अपडेट और अगले कदम
30 नवंबर 2026 की तारीख स्कूलों के लिए जरूरी सीसीटीवी इंस्टॉलेशन पूरा करने की अहम समय-सीमा है। संस्थानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनकी प्रणालियां चालू हों और 2027 की वार्षिक उच्चतर माध्यमिक परीक्षा के लिए लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था हो।
स्कूलों, छात्रों और अभिभावकों को आगे की सूचनाओं और परीक्षा संबंधी घोषणाओं के लिए काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, ओडिशा की आधिकारिक वेबसाइट देखनी चाहिए।
नई जरूरतें अगले प्लस टू परीक्षा सत्र से पहले निगरानी और प्रशासनिक तैयारी पर CHSE के जोर को रेखांकित करती हैं। परीक्षा केंद्र निर्धारित निगरानी व्यवस्थाओं के तहत काम करने को तैयार रहें, इसके लिए स्कूलों का समय पर अनुपालन अहम होगा।





