आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने चार शहरी स्थानीय निकायों में नामांकन अवधि बढ़ाई
आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद चार शहरी स्थानीय निकायों में नामांकन अवधि दो दिन बढ़ा दी है। संशोधित व्यवस्था के तहत पात्र उम्मीदवार 23 और 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं।
यह फैसला उन शिकायतों के बाद आया है कि मूल नामांकन अवधि के दौरान कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर डराया-धमकाया गया, उन पर हमला किया गया या उन्हें नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के अवधि बढ़ाने के अनुरोध को मंजूर न करने के बाद YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि अतिरिक्त मौका इसलिए दिया गया है कि जो उम्मीदवार प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण अपने पत्र दाखिल नहीं कर सके, वे चुनाव लड़ने के अवसर से वंचित न रहें।
फैसले के दायरे में चार शहरी स्थानीय निकाय
बढ़ाई गई नामांकन अवधि आंध्र प्रदेश के चार शहरी स्थानीय निकायों पर लागू होती है। ये हैं कडप्पा नगर निगम, राजमपेट नगरपालिका, मायदुकुर नगरपालिका और तिरुपति नगर निगम।
रिपोर्टों के अनुसार राज्य चुनाव आयोग ने यह तय करने से पहले कि कहां अवधि बढ़ाना जरूरी है, जिला अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी और प्रतिवेदनों की समीक्षा की।
अतिरिक्त नामांकन अवधि का मकसद उन उम्मीदवारों की मदद करना है, जिन्हें मूल कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर पत्र जमा करने से रोका गया। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के बाकी चरणों के लिए संशोधित समय-सारणी भी जारी की है।
बढ़ी हुई अवधि में नामांकन दाखिल करने के इच्छुक उम्मीदवारों को जमा करने की निर्धारित जगह और जरूरतों की पुष्टि संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर या चुनाव अधिकारी से कर लेनी चाहिए। प्रक्रिया संबंधी ब्योरे के लिए लागू चुनाव अधिसूचना और आयोग के निर्देश ही प्रामाणिक स्रोत हैं।
शिकायतों के बाद सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
यह घटनाक्रम YSR कांग्रेस पार्टी के नामांकन की अंतिम तारीख बढ़ाने के अपने अनुरोध को खारिज किए जाने को चुनौती देने के बाद सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद आया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान पुंगनूर, रायचोटी, कडप्पा और तिरुपति समेत कई जगहों पर हिंसा, धमकी और बाधा की घटनाएं हुईं। उसका दावा है कि इन घटनाओं के कारण कुछ उम्मीदवार नामांकन केंद्रों तक नहीं पहुंच सके या अपने नामांकन पत्र जमा नहीं कर सके।
मूल नामांकन अवधि 16 से 18 अक्टूबर तक थी। YSRCP ने दलील दी कि कथित घटनाओं ने स्थानीय निकाय चुनावों में उसके उम्मीदवारों की भागीदारी की क्षमता को प्रभावित किया और पर्याप्त सुरक्षा तथा नामांकन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की।
21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह पार्टी और प्रभावित उम्मीदवारों के प्रतिवेदनों की, संबंधित दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों समेत, जांच करे। अदालत ने आयोग को उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक टालने और यह तय करने का भी निर्देश दिया कि जहां कानून-व्यवस्था की समस्याओं के कारण उम्मीदवार नामांकन नहीं भर सके, वहां अवधि बढ़ाना उचित है या नहीं।
अदालत ने राज्य पुलिस प्रमुख को उम्मीदवारों और चुनाव कार्यालयों के लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। उसके हस्तक्षेप का फोकस यह सुनिश्चित करना था कि पात्र उम्मीदवारों को चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने का निष्पक्ष मौका मिले।
शिकायतों और आरोपों को साबित गड़बड़ी के निष्कर्षों से अलग करके देखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों में अधिकारियों से सामग्री की जांच करने और उचित कदम उठाने को कहा गया था; इन्हें इस बात का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए कि हर आरोप साबित हो गया।
YSR कांग्रेस पार्टी की चिंताएं
YSR कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सुरक्षा और नामांकन प्रक्रिया के आसपास की परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई। उसने आरोप लगाया कि कुछ उम्मीदवारों को धमकाया गया, उन पर हमला किया गया या उन्हें नामांकन केंद्रों में घुसने से रोका गया और कुछ घटनाओं में नामांकन पत्र फाड़े गए या छीन लिए गए।
पार्टी ने हस्तक्षेप की मांग की ताकि उम्मीदवार बिना डर या बाधा के अपने पत्र जमा कर सकें। उसने नामांकन केंद्रों पर उचित सुरक्षा इंतजाम की भी मांग की।
इन दावों ने सुप्रीम कोर्ट में पार्टी की याचिका का आधार बनाया। अधिकारियों को सहायक सामग्री पर विचार करने और यह तय करने का निर्देश दिया गया कि प्रभावित शहरी स्थानीय निकायों में नामांकन की समय-सीमा बढ़ाई जाए या नहीं।
राज्य चुनाव आयोग का चार शहरी स्थानीय निकायों में नामांकन फिर से खोलने का बाद का फैसला उसकी रिपोर्टों की समीक्षा और अदालत के निर्देशों के बाद आया। अवधि बढ़ाने का दायरा आयोग द्वारा चिन्हित चार निकायों तक ही सीमित रखा गया।
संतुलित रिपोर्टिंग के लिए राजनीतिक दलों के लगाए आरोपों का श्रेय उन्हीं दलों को दिया जाना चाहिए जिन्होंने उन्हें उठाया। सत्यापित जानकारी उपलब्ध होने पर अन्य दलों के कोई आधिकारिक निष्कर्ष या जवाब भी शामिल किए जाने चाहिए।
संशोधित चुनाव कार्यक्रम
संशोधित समय-सारणी के तहत अतिरिक्त नामांकन अवधि 23 और 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक तय है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची 25 अक्टूबर को प्रकाशित की जानी है।
शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान 1 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। यदि पुनर्मतदान की जरूरत पड़ी तो संशोधित कार्यक्रम में उस प्रक्रिया के लिए 2 नवंबर की तारीख तय है। मतगणना 3 नवंबर को होनी है।
आयोग ने राज्य भर के शहरी स्थानीय निकायों में अंतिम उम्मीदवार सूची के प्रकाशन का कार्यक्रम भी संशोधित किया है। आगे और बदलाव की घोषणा होने की स्थिति में उम्मीदवारों और मतदाताओं को ताजा आधिकारिक अधिसूचनाओं का पालन करना चाहिए।
नामांकन अवधि बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि चुनाव रद्द कर दिए गए हैं। इसके बजाय यह चिन्हित चार शहरी स्थानीय निकायों में पात्र उम्मीदवारों को संशोधित प्रक्रिया के तहत अपने नामांकन पत्र जमा करने का एक और मौका देता है।
निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का महत्व
इस मुद्दे ने पात्र उम्मीदवारों को चुनाव में स्वतंत्र रूप से हिस्सा लेने देने के महत्व को उजागर किया है। नामांकन पत्र दाखिल करना चुनाव प्रक्रिया का अहम चरण है और डराने-धमकाने या बाधा डालने की चिंताओं की जिम्मेदार अधिकारियों से उचित जांच जरूरी है।
राज्य चुनाव आयोग आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की निगरानी के लिए जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों में शिकायतों की जांच करने, सहायक सबूतों का आकलन करने और उचित सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
संशोधित नामांकन कार्यक्रम का मकसद मामले में उठी चिंताओं को दूर करते हुए चुनाव प्रक्रिया को जारी रखना है। उपायों की प्रभावशीलता संशोधित कार्यक्रम के क्रियान्वयन, सुरक्षित नामांकन सुविधाओं की उपलब्धता और आयोग तथा अदालत के निर्देशों के पालन पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कडप्पा नगर निगम, राजमपेट नगरपालिका, मायदुकुर नगरपालिका और तिरुपति नगर निगम में 23 और 24 अक्टूबर के लिए नामांकन अवधि बढ़ा दी है। यह फैसला YSR कांग्रेस पार्टी के इन आरोपों के बाद आया कि मूल अवधि के दौरान कुछ उम्मीदवारों को डराया गया या नामांकन दाखिल करने से रोका गया।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची 25 अक्टूबर को, मतदान 1 नवंबर को और मतगणना 3 नवंबर को होनी है। उम्मीदवारों को जमा करने की प्रक्रिया और कार्यक्रम में किसी और बदलाव के लिए ताजा आधिकारिक अधिसूचनाएं देखनी चाहिए। हिंसा से जुड़े आरोप ऐसे दावे हैं जिनका आकलन सबूतों और आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर किया जाना चाहिए।





