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तिब्बत भूकंप: 7.0 तीव्रता के झटके में 16 की मौत, दर्जनों घायल, 300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त
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तिब्बत भूकंप: 7.0 तीव्रता के झटके में 16 की मौत, दर्जनों घायल, 300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त

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चीनी सरकारी मीडिया और स्थानीय अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, 7.0 तीव्रता के इस भूकंप से उत्तरी नागचू क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ, जहां 300 से अधिक मकान ढह गए।

तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप, कम से कम 16 की मौत

22 अक्टूबर 2026 की रात चीन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से तिब्बत में एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए। चीनी सरकारी मीडिया और स्थानीय अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, 7.0 तीव्रता के इस भूकंप से उत्तरी नागचू क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ, जहां 300 से अधिक मकान ढह गए।

चीन के सरकारी प्रसारक CCTV ने इसे पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में आया सबसे तेज भूकंप बताया। प्रभावित इलाकों में बचाव दल तैनात किए गए हैं, जबकि अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, क्षतिग्रस्त इमारतों की तलाशी ले रहे हैं और निवासियों को सहायता पहुंचा रहे हैं।

इस आपदा ने हिमालयी क्षेत्र के दूरदराज के समुदायों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जहां अधिक ऊंचाई, ठंड का मौसम और परिवहन की कठिन स्थितियां आपातकालीन राहत कार्यों को मुश्किल बना सकती हैं।

भूकंप का ब्योरा

भूकंप गुरुवार, 22 अक्टूबर को स्थानीय समयानुसार लगभग रात 10:33 बजे आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इसका केंद्र उत्तरी तिब्बत में नागचू के उत्तर-पूर्व में एक कम आबादी वाले इलाके में था।

भूकंप अपेक्षाकृत कम गहराई पर आया। चीनी अधिकारियों ने इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई, जबकि अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियों के अनुमान अलग थे। कम गहराई वाले भूकंप केंद्र के पास तेज झटके पैदा कर सकते हैं, जिससे इमारतों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।

प्रभावित इलाका क्षेत्रीय राजधानी ल्हासा से कई सौ किलोमीटर दूर है। आसपास का भूभाग पहाड़ी और अधिक ऊंचाई पर है, जिससे घनी आबादी वाले शहरी इलाकों की तुलना में यहां आपातकालीन पहुंच अधिक चुनौतीपूर्ण है।

रिपोर्टों के अनुसार, निवासियों ने तेज झटके महसूस किए, और स्थानीय सरकारी मीडिया द्वारा साझा किए गए फुटेज में लोग इमारतों से बाहर निकलकर खुले में शरण लेते दिखे। कुछ मकानों और अन्य ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि आपातकालीन सेवाओं ने मदद की गुहार पर कार्रवाई शुरू कर दी।

मृतकों और घायलों की संख्या

स्थानीय अधिकारियों ने शुरुआत में कम से कम 16 मौतों और 32 घायलों की जानकारी दी थी। 23 अक्टूबर की बाद की रिपोर्टों में घायलों की संख्या बढ़ने का संकेत मिला; रॉयटर्स ने 65 घायलों की जानकारी दी, जबकि अपडेट के समय मृतकों की संख्या 16 ही थी।

बचावकर्मियों के अन्य स्थानों तक पहुंचने और चिकित्सा दलों द्वारा घायलों का आकलन करने के साथ हताहतों के आंकड़े बदल सकते हैं। अधिकारी तबाही के दायरे की जांच और प्रभावितों को चिकित्सा सहायता देना जारी रखे हुए हैं।

रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि कुछ घायलों की हालत गंभीर है। बचाव कर्मियों और पुलिस को प्रभावित इलाके में भेजा गया है, ताकि वे लोगों की मदद करें, इमारतों का निरीक्षण करें और निकासी तथा राहत कार्यों में सहयोग दें।

ढहे हुए मकानों की संख्या कम से कम 300 बताई गई, जबकि स्थानीय मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से यह आंकड़ा 339 बताया। पशुओं के बाड़े भी ढहने की खबर है, जिससे उन निवासियों की चिंता बढ़ गई है जिनकी आजीविका पशुपालन पर निर्भर है।

बचाव और आपातकालीन राहत अभियान

चीनी अधिकारियों ने भूकंप से प्रभावित समुदायों की मदद के लिए आपातकालीन दल जुटाए हैं। पुलिस, दमकलकर्मी और अन्य बचाव कर्मी क्षतिग्रस्त इमारतों का निरीक्षण करने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आपातकालीन सामग्री की आपूर्ति में सहयोग के लिए तैनात किए गए हैं।

शिन्हुआ के हवाले से रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तंबू, अस्थायी आवास इकाइयां, फोल्डिंग बिस्तर और सर्दियों के कपड़े सहित आपातकालीन सामग्री क्षेत्र में भेजी जा रही है।

अस्थायी आश्रय की व्यवस्था विशेष रूप से अहम है, क्योंकि प्रभावित समुदाय अधिक ऊंचाई वाले इलाके में हैं, जहां तापमान तेजी से गिर सकता है। जिन निवासियों के मकान ढह गए हैं या असुरक्षित हो गए हैं, उन्हें इमारतों के निरीक्षण और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत तक आश्रय की जरूरत पड़ सकती है।

अधिकारी बिजली और दूरसंचार सेवाओं में आई बाधाओं का आकलन करने में भी जुटे हैं। इन सेवाओं की बहाली बचाव अभियान के समन्वय, अलग-थलग पड़े समुदायों से संपर्क और यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि निवासियों को आपातकालीन सहायता मिल सके।

परिवहन में बाधा और बुनियादी ढांचे को नुकसान

भूकंप से केवल आवासीय इमारतों को ही नुकसान नहीं पहुंचा। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, चट्टानें खिसकने से क्षेत्र की सड़कें प्रभावित हुईं, जिसके बाद अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 317 के एक हिस्से पर यातायात सीमित कर दिया। मलबा हटाने का काम चलने तक आवाजाही केवल आपातकालीन, बचाव और सहायता वाहनों तक सीमित रही।

स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने भी क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों को प्रभावित करने वाले आपातकालीन उपाय किए। निरीक्षण के दौरान यात्रियों और रेलवे ढांचे के जोखिम को कम करने के लिए ये एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

सड़कों और संचार नेटवर्क को हुआ नुकसान चिकित्सा दलों और राहत सामग्री के पहुंचने में देरी कर सकता है, खासकर दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में। इसलिए आपातकालीन एजेंसियों को परिवहन का समन्वय करना, पुलों और सड़कों की स्थिति का आकलन करना और प्रभावित बस्तियों तक पहुंचने के सुरक्षित रास्ते तलाशना होगा।

बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का पूरा दायरा अभी आकलन के अधीन है। सामान्य सेवाएं बहाल होने से पहले अधिकारियों को इमारतों, परिवहन संपर्कों और सार्वजनिक सुविधाओं के निरीक्षण के लिए और समय लग सकता है।

यह भूकंप क्यों अहम है

तिब्बत हिमालयी क्षेत्र के भूकंपीय रूप से सक्रिय हिस्से में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गति भूकंपीय गतिविधि को बढ़ाती है। भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों की टक्कर ने हिमालय को आकार दिया है और ऐसी परिस्थितियां बनाई हैं जो शक्तिशाली भूकंप पैदा कर सकती हैं।

ताजा भूकंप को क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों का सबसे तेज भूकंप बताया गया। रिपोर्टों में इसे जनवरी 2024 के बाद चीन में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप भी कहा गया है।

दूरदराज के ऊंचाई वाले इलाकों में भूकंप विशेष जोखिम पैदा कर सकते हैं, क्योंकि बस्तियां एक-दूसरे से दूर हो सकती हैं, इमारतें तेज झटकों के प्रति संवेदनशील हो सकती हैं और बचाव दलों को कठिन भूभाग का सामना करना पड़ सकता है। ठंडा मौसम और बाधित परिवहन मार्ग राहत कार्य को और जटिल बना सकते हैं।

यह आपदा भूकंप की तैयारी, सुरक्षित निर्माण पद्धतियों, आपातकालीन संचार प्रणालियों और संवेदनशील समुदायों में चिकित्सा तथा अस्थायी आश्रय सुविधाओं की उपलब्धता के महत्व को भी रेखांकित करती है।

अधिकारी नुकसान का आकलन जारी रखे हुए हैं

23 अक्टूबर को भी बचाव और राहत अभियान जारी रहे, क्योंकि अधिकारी हताहतों, क्षतिग्रस्त इमारतों और बाधित सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी जुटा रहे थे। तात्कालिक प्राथमिकताओं में घायलों की मदद करना, सहायता की जरूरत वाले लोगों का पता लगाना, आश्रय उपलब्ध कराना और प्रभावित समुदायों तक पहुंच बहाल करना शामिल है।

अधिकारियों से यह भी उम्मीद है कि वे ढांचों का निरीक्षण जारी रखेंगे, ताकि यह तय हो सके कि क्षतिग्रस्त मकानों और सार्वजनिक इमारतों में सुरक्षित रूप से रहा जा सकता है या नहीं। इन आकलनों के पूरा होने तक निवासियों को अस्थायी आवास में रहना पड़ सकता है।

23 अक्टूबर को उपलब्ध रिपोर्टों में मृतकों की संख्या कम से कम 16 थी, जबकि घायलों की संख्या शुरुआती गिनती से बढ़ चुकी थी। इन आंकड़ों को अनंतिम माना जाना चाहिए, क्योंकि आकलन और बचाव अभियान जारी हैं।

इस भूकंप से उत्तरी तिब्बत में भारी नुकसान हुआ है और बड़े पैमाने पर आपातकालीन कार्रवाई शुरू हुई है। स्थानीय अधिकारियों और आधिकारिक समाचार एजेंसियों से आने वाले आगे के अपडेट से मृतकों की अंतिम संख्या और तबाही के पूरे दायरे की स्पष्ट तस्वीर मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्टों के अनुसार, निवासियों ने तेज झटके महसूस किए, और स्थानीय सरकारी मीडिया द्वारा साझा किए गए फुटेज में लोग इमारतों से बाहर निकलकर खुले में शरण लेते दिखे।